जिला भौगोलिकी

आगर-मालवा जिला मध्यप्रदेश राज्य मार्ग क्रमांक 27 (इंदौर कोटा रोड) पर स्थित है| यहाँ की श्रेष्ठ जलवायु एवं पानी की उपलब्धता के कारण यह पुरातनकाल में एक रजवाड़ा (प्रिन्सिली स्टेट) एवं ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेजो की छावनी रहा है| यह 230.06 और 240.19 उत्तरी अक्षांश और 75.41 और 77.02 देशांतर के बीच स्थित है।

मालवांचल का आगर जिला विंध्यांचल पर्वत की श्रेणियों से घिरा पिली-लाल-भूरी पथरीली भूमि के साथ साथ उपजाऊ एवं काली मिटटी का धन धान्य से समृद्ध भूखंड है| यहाँ की लाल मिटटी पुरातनकाल में यहाँ ज्वालामुखी होने के संकेत देती है |

बडौद तहसील के पश्चिम में पहाड़ी क्षेत्र है, जिसके उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर छोटी-छोटी पहाड़ियां देखि जा सकती है | क्षेत्र के मध्य में होने से यहाँ जल निकास पद्धति प्रभावित हुई है| इस भूभाग की समुद्र ताल से ऊचाई ५०० मीटर (१६०० फीट ) से ५४५ मीटर (१७८८ फीट) है जिसका ढलान उत्तर की ओर है | पश्चिम में दुधालिया और कछाल यहाँ की मुख्य नदियाँ है जो पहाड़ी क्षेत्र से निकलती है व जिनका बहाव पश्चिम की ओर है जो की पश्चिमी सीमा रेखा पर बहती है| इसके अतिरिक्त कछाल नदी इस क्षेत्र को सिंचित करती है| सुसनेर क्षेत्र का कुछ हिस्सा कालीसिंध बेसिन में फैला है | हिंदी व मालवी यहाँ की प्रमुख भाषाएँ है| यहाँ की जनसंख्या जनगणना २०११ के अनुसार ५७१२७८ व समीपस्थ नगर उज्जैन, शाजापुर, इंदौर, देवास, राजगढ़ एवं झालावाड (राजस्थान) है|