जिला के बारे में

आगर मालवा भारत के राज्य मध्य प्रदेश का 51 वा उज्जैन सम्भाग मेँ स्थित ज़िला है। इस जिले का क्षेत्रफल 2785 वर्ग किमि. तथा जनसंख्या 5.71 लाख है। आगर को 16 अगस्त 2013 को शाजापुर जिला से अलग कर के ज़िला घोषित किया गया। इसके अंतर्गत चार तहसील क्रमशः आगर, बडौद, सुसनेर, नलखेडा आती हैं । यह इंदौर कोटा राजकीय राजमार्ग क्रमांक २७ पर स्थित है| अनुकूल मौसम और पानी की उपलब्धता की वजह से भारत की आजादी के समय में आगर एक छावनी क्षेत्र था।

जिला आगर-मालवा मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र का एक हिस्सा है, यह राज्य की पश्चिमी सीमा में स्थित है। यह उज्जैन संभाग का एक हिस्सा है।यह राज्य में एक महत्वपूर्ण कृषि जिला और मध्य प्रदेश के मालवा पठार कृषि जलवायु क्षेत्र में मौजूद है। यह 230.06 और 240.19 उत्तरी अक्षांश और 75.41 और 77.02 देशांतर के बीच स्थित है। यह समुद्र तल से 453 फीट ऊचाई पर स्थित है एवं  यह दक्षिण में उज्जैन और रतलाम और पूर्व में  राजगढ़ और शाजापुर से घिरा हुआ है व उत्तरी सीमा राजस्थान के झालावाड़ जिले के साथ बनाई है।

ज़िला प्रशासकीय रूप दो राजस्व उप मंडलों में विभाजित है। यह चार विकासखंडों में विभाजित है जिन्हें आगे 227 ग्राम पंचायतों में बांटा गया है । ज़िला की जनसंख्या ५१६ गाँव में निवासरत है ।

जिले का पश्चिमी क्षेत्र और अधिकांश भाग पठारी है, विकासखंड बडौद के पश्चिम में उत्तर-दक्षिण दिशा में छोटी-छोटी बिखरी हुई पहाडियों का पथ है, जिससे जल निकासी का पैटर्न प्रभावित हुआ है एवं इसमें कछाल नदी स्थित है जो पश्चिम की ओर बहती है | छोटी काली सिंध क्षेत्र की प्रमुख नदी है जो क्षेत्र की पश्चिमी सीमा में उत्तर दिशा की ओर बहती है |

10 वीं सदी के दौरान अवंतिका के साथ-साथ आगर मालवा परमार राज्य की राजधानी थी| मांडू पर शासन के दौरान यह मुगलों का पसंदीदा दर्शनीय स्थल हुआ करता था |